Sunday, 2 October 2016

भाजपा के सीनियर लीडर अरुण शौरी का दावा ,मनमोहन ने 6 सर्जिकल स्ट्राइक करके भी लाभ लेने की कोशिश नही की थी

भाजपा के सीनियर लीडर रह चुके अरुण शौरी ने भारत द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक पे ट्वीट करके अपनी राय दी है
उन्होंने दावा किया है कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने पाक के कब्ज़े वाले कश्मीर में कम से कम से ६ बार सर्जिकल स्ट्राइक की थी
लेकिन उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का उपयोग कभी राजनैतिक लाभ के लिये नही उपयोग किया.
वही ये सरकार पंजाब और यूपी में होने वाले आगामी चुनाव में लाभ लेने के लियें आर्मी का उपयोग कर रही है .
MMS era, at least half a dozen surgical strikes but he never used it. Shameful that BJP begging votes in Punjab/UP in the name of army ops!
इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया इसमें उन्होंने पीएम मोदी और पाक पीएम नवाज़ शरीफ पर सर्जिकल स्ट्राइक पर मिलीभगत का आरोप लगाया .उन्होंने पाकिस्तानी अखबार Dawn का ज़िक्र करते हुयें कहा है कि पाकिस्तान भारत के 8 सैनिको को मारने का और एक सैनिक को पकड़ने का दावा कर रहा है
Is this fixed match between NS & NM?
Look at just published news in Dawn about killing of 8 Indian soldiers & capturing of one by Pak army.
एक और ट्वीट में वो कहते है आर्मी ने अपने बयान में कहीं दावा नही किया है कि भारतीय सेना ने लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल क्रॉस किया है लेकिन भारतीय मीडिया किसके इशारे पर दावा कर रहा है
Nowhere does the Army say that they crossed LoC but media say so! On whose instructions?
Is it for diverting name in suicide note news?
अरुण शौरी ने मीडिया पर भाजपा प्रेसिडेंट पर बंसल की आत्महत्या में नाम आने पर खबर को दबाने का इलज़ाम लगाया है उन्होंने कहा है कि मीडिया ने खबर में बंसल ख़ुदकुशी के मामले से सम्बंधित खबरों को प्रकाशित करने पर अमित शाह का नाम तक नही लिया

Amit Shah lives up to his reputation & pet media houses too who don't report about him. Then they complain when someone calls them Dalal!

Saturday, 2 April 2016

जय भीम , जय मीम,,, / हर वर्ग के नायक थे अंबेडकर डॉ. अम्बेडकर

अप्रैल की पहली तारीख से ''अंबेडकर'' माह शुरू हो गया है। भारतीय इतिहास से वर्तमान तक डॉ. अम्बेडकर अकेले ऐसे महापुरूष हैं जिनका जन्म महोत्सव समारोह पूरे महीने भर चलता है। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती को भारत भर में अलग-अलग दिन महीने भर मनाया जाता है, बल्कि कई जगहों पर तो जून तक अम्बेडकर जयंती का आयोजन चलता रहता है। डॉ. अम्बेडकर की 125वीं जयंती होने की वजह से इस साल इसका महत्व और भी ज्यादा है।

हर वर्ग के नायक थे अंबेडकर डॉ. अम्बेडकर को सिर्फ संविधान निर्माता और दलितों के नेता के तौर पर प्रचारित किया जाता है। ऐसा कर उनके बहुआयामी और विराट व्यक्तित्व को छोटा करने की कोशिश की जाती है, जबकि सच्चाई यह है कि भारत रत्न डॉ. अम्बेडकर ने अपने जीवन काल में तमाम पदों पर रहते हुए देश के हर वर्ग के लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए अनेक काम किया।
उन्होंने श्रमिकों के लिए कानून बनवाया, देश के किसानों की बेहतरी के लिए प्रयास किया, महिलाओं के हक की आवाज उठाई, नौकरीपेशा लोगों के सहूलियत की बात की और उनके अधिकारों के लिए लड़कर उन्हें अधिकार भी दिलवाया। लेकिन डॉ. अम्बेडकर जैसे महान व्यक्तित्व द्वारा किए गए इन कामों से तमाम लोग आज भी अंजान हैं।

विश्व भर में मनाई जाती ही अंबेडकर जयंती अंबेडकर के जन्मोत्सव की खुशी सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, नेपाल, वर्मा, श्रीलंका आदि अनेक देशों में बहुत ही हर्ष और उल्लास से मनाई जाती है। सरकारी उदासीनता के बावजूद देश के वंचित तबके ने डॉ. अम्बेडकर को अपनी यादों में जिंदा रखा है। लेकिन डॉ. अम्बेडकर ने सिर्फ दलितों के हित के लिए ही काम नहीं किया बल्कि राष्ट्रनिर्माण में उनकी बड़ी भूमिका रही। डॉ. अम्बेडकर ने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है।

विद्वता में कई समकालिन लोगों से श्रेष्ठ थे डॉ. अम्बेडकर बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर एक महान संविधानविद्, शिक्षाविद, राष्ट्र भक्त, समाज सुधारक, दर्शन शास्त्री, पत्रकार एवं अर्थशास्त्री थे। इन सबसे भी अधिक वे एक आदर्श विद्यार्थी थे और आजन्म आदर्श विद्यार्थी बने रहे। उन्होंने अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, समाज शास्त्र और कानून के अलावा . चित्रकला, मूर्तिकला, तबला वादन, वाइलिन वादन, संगीत कला, पाक कला, पाली भाषा में भी दक्षता हासिल की थी। उन्हें अंग्रेजी, जर्मन, फ्रेंच, मराठी, हिन्दी, पाली और फारसी भाषाओं में दक्षता हासिल थी।